🌍 भूमि / रकबा — पट्टा और बटाई

खाली खेती की ज़मीन यहाँ पट्टे या बटाई पर दें, या किसी की ज़मीन खेती के लिए लें। ठेका, बटाई या कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग — जो भी सही लगे। दोनों पक्ष सीधे बात करें।

यहाँ क्या मिलेगा

  • पट्टे (किराये) पर ज़मीन
  • बटाई पर ज़मीन
  • कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग की ज़मीन
  • सिंचित और असिंचित खेत
  • बाग़ और बग़ीचे की ज़मीन
  • खाली पड़ी खेती की ज़मीन

कैसे काम करता है

  1. 1.लिस्ट करें — अपनी चीज़ या सेवा डालें
  2. 2.खोजें — पास के लोग देखें
  3. 3.कॉल करें — सीधे फ़ोन पर बात करें

किसान सहयोग सिर्फ़ लोगों को जोड़ता है; दाम बेचने वाला खुद तय करता है।

कई लोगों की ज़मीन खाली पड़ी रहती है, क्योंकि वे खुद खेती नहीं कर पाते। वहीं कुछ किसान ज़्यादा खेती करना चाहते हैं पर उनके पास ज़मीन कम है। यहाँ दोनों की ज़रूरत पूरी होती है — ज़मीन मालिक को आमदनी मिलती है और किसान को खेती के लिए ज़मीन। लिस्टिंग डालते समय यह लिखें — ज़मीन कितने एकड़ है, किस गाँव में है, पानी का साधन क्या है (कुआँ, बोरवेल, नहर), और आप पट्टा चाहते हैं या बटाई। शर्तें जितनी साफ़ होंगी, बात उतनी जल्दी बनेगी। लिस्टिंग डालते समय आपको यह पुष्टि करनी होती है कि ज़मीन आपकी है या आपको उसे देने का हक़ है। कोई भी समझौता लिखित में और गवाह के सामने करना अच्छा रहता है। किराया, हिस्सा और अवधि दोनों पक्ष आपस में तय करें। किसान सहयोग सिर्फ़ जोड़ता है; यह कोई सौदा या कागज़ी काम नहीं करता।

अक्सर पूछे सवाल

ज़मीन बटाई पर कैसे दूँ?
"अपना सामान डालें" पर जाएँ, एकड़, गाँव और पानी का साधन भरें, और पट्टा या बटाई चुनें।
क्या मुझे ज़मीन का मालिक होना ज़रूरी है?
ज़मीन आपकी हो या आपको उसे देने का हक़ हो — डालते समय यह पुष्टि करनी होती है।
किराया या हिस्सा कौन तय करता है?
यह दोनों पक्ष आपस में तय करते हैं। किसान सहयोग दाम तय नहीं करता।
क्या समझौता लिखित होना चाहिए?
हाँ, लिखित और गवाह के सामने समझौता करना दोनों के लिए सुरक्षित रहता है।

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