🌾 भूसा, पराली और चारा
गेहूं का भूसा, धान की पराली और गन्ना वेस्ट यहाँ बेचें या खरीदें। जलाने की बजाय बेचें — आय भी बढ़े और प्रदूषण भी घटे। पशुपालक और किसान सीधे जुड़ें।
यहाँ क्या मिलेगा
- गेहूं का भूसा
- धान की पराली
- गन्ना वेस्ट और पत्ती
- सूखा चारा और कड़बी
- हरा चारा
- कपास और दलहन के डंठल
कैसे काम करता है
- 1.लिस्ट करें — अपनी चीज़ या सेवा डालें
- 2.खोजें — पास के लोग देखें
- 3.कॉल करें — सीधे फ़ोन पर बात करें
किसान सहयोग सिर्फ़ लोगों को जोड़ता है; दाम बेचने वाला खुद तय करता है।
फसल कटने के बाद बचा भूसा और पराली अक्सर खेत में पड़े रहते हैं या जला दिए जाते हैं। इससे मिट्टी और हवा दोनों को नुकसान होता है। पशुपालकों को यही भूसा और चारा खरीदना पड़ता है। यहाँ दोनों की ज़रूरत पूरी होती है — किसान बेचकर कमाते हैं, पशुपालक पास से सस्ता चारा पाते हैं। लिस्टिंग डालते समय यह लिखें — सामग्री कौन-सी है, कितनी मात्रा (क्विंटल या ट्रॉली) है, किस गाँव में है, और दाम क्या है। यह भी बताएँ कि उठाव खरीदार करेगा या आप पहुँचाएँगे। भूसा और चारा 100 किमी तक दिखाया जा सकता है, क्योंकि लोग दूर से भी खरीदते हैं। ताज़ा और सूखा माल जल्दी बिकता है, इसलिए कटाई के तुरंत बाद लिस्ट करें। दाम और उठाव की शर्तें दोनों पक्ष आपस में तय करें। किसान सहयोग सिर्फ़ जोड़ता है, लेन-देन नहीं करता।
अक्सर पूछे सवाल
- पराली जलाने से कैसे बचूँ?
- जलाने की बजाय यहाँ बेच दें। पास के पशुपालक या गोशाला अक्सर खरीद लेते हैं।
- भूसा कितनी दूर तक दिखेगा?
- भूसा और चारा 100 किमी तक दिख सकते हैं, क्योंकि लोग दूर से भी खरीदते हैं।
- मात्रा कैसे बताऊँ?
- क्विंटल या ट्रॉली में लिखें, और उठाव की व्यवस्था भी साफ़ बताएँ।
- दाम कौन तय करता है?
- दाम बेचने वाला तय करता है। किसान सहयोग दाम तय नहीं करता।