ॐ सीताराम

42 वर्ष की सेवा। एक संकल्प: किसान की आय बढ़ाना।

श्री अभिनन्दन दीक्षित

संस्थापक, किसान सहयोग · सेवानिवृत्त उप वन संरक्षक (DCF), मध्य प्रदेश शासन

WE WILL DO IT

अ.दी.

एक नज़र में

  • किसान परिवार से; जन्म खुरई, ज़िला सागर में
  • 42 वर्ष शासकीय सेवा (1981 से 2023)
  • 1981 में म.प्र. लोक सेवा आयोग से चयन
  • वनस्पति विज्ञान की पढ़ाई, सागर विश्वविद्यालय
  • फॉरेस्ट्री डिप्लोमा, नॉर्दर्न फॉरेस्ट रेंजर्स कॉलेज, 1982-83
  • उप वन संरक्षक (DCF) पद से सेवानिवृत्त, 2023
  • स्वर्ण पदक, म.प्र. शासन, 20 अप्रैल 2011
  • गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, 2014-15 (कृषि क्षेत्र में सफल रोपण)
  • बैहर में सबई घास की रस्सी और बाँस के फर्नीचर के नवाचार, जो उद्योग बने
  • "बुंदेली व्यंजन, बिजावर" की शुरुआत; प्रदेश स्तर पर कई पुरस्कार
  • 2011 से किसानों को कार्बन क्रेडिट का लाभ दिलाने का प्रयास

मेरी जड़ें किसान परिवार में हैं

मेरा जन्म सागर ज़िले के खुरई में, एक ब्राह्मण परिवार में हुआ। पाँच भाइयों और चार बहनों के भरे-पूरे परिवार में मैं सबसे छोटा था, इसलिए बड़े भाई-बहनों का स्नेह और संरक्षण मुझे बचपन से मिला।

मेरी माँ, श्रीमती त्रिवेणी बाई दीक्षित, खेती करती थीं। खेत, बीज, बारिश का इंतज़ार और फसल की चिंता मेरे लिए किताबी बातें नहीं, घर की रोज़ की बातें थीं। मेरे पिता, पंडित शालिग राम दीक्षित, प्राचार्य पद से सेवानिवृत्त हुए। शिक्षा और ईमानदारी का महत्व मैंने अपने घर से सीखा।

मेरी पढ़ाई ग्राम धंगर के स्कूल से शुरू हुई। फिर सागर का लाल स्कूल, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से 11वीं बोर्ड, और फिर सागर विश्वविद्यालय में वनस्पति विज्ञान।

मैं किसान परिवार से हूँ और अपनी सेवा में गाँवों और किसानों के बीच काम किया है। इसलिए किसान की समस्याएँ और उसके सामने खुले अवसर, दोनों समझता हूँ। अब मैं अपना अनुभव किसान की भलाई में लगाना चाहता हूँ। हमारे दो उद्देश्य हैं:

किसान की आय बढ़ाना

रोज़गार के अवसर बनाना

तकनीक की मदद से हम किसान तक सही जानकारी और बेहतर बाज़ार पहुँचाएँगे, ताकि उसकी कमाई बढ़े। इसी रास्ते से गाँव में ही काम के नए अवसर बनेंगे।

जब पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी

1981 में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग में मेरा चयन हो गया। सागर विश्वविद्यालय में वनस्पति विज्ञान की एम.एससी. (पूर्वार्ध) की पढ़ाई मुझे बीच में छोड़नी पड़ी। 1982-83 में नॉर्दर्न फॉरेस्ट रेंजर्स कॉलेज से फॉरेस्ट्री का डिप्लोमा किया। एक साल के कठिन प्रशिक्षण के बाद प्रदेश के कई ज़िलों में सेवा करने का अवसर मिला। 42 वर्ष की सेवा के बाद 2023 में उप वन संरक्षक (DCF) पद से सेवानिवृत्त हुआ।

  1. 1981चयन
  2. 1982-83फॉरेस्ट्री डिप्लोमा
  3. कई ज़िलों में सेवा
  4. 2023उप वन संरक्षक पद से सेवानिवृत्ति

जो नवाचार उद्योग बन गए

बैहर

सबई घास की रस्सी और बाँस के फर्नीचर के नवाचार, जो आगे चलकर बड़े उद्योग बने।

बिजावर

सेवा के अंतिम वर्ष में "बुंदेली व्यंजन, बिजावर" की शुरुआत, जिसे प्रदेश स्तर पर कई पुरस्कार मिले।

सम्मान

2011

स्वर्ण पदक

वर्ष 2007-08 के उत्कृष्ट वानिकी कार्यों के लिए 20 अप्रैल 2011 को म.प्र. शासन द्वारा।

2014-15

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

वर्ष 2014-15 में कृषि क्षेत्र में सफल रोपण का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज हुआ।

सेवानिवृत्ति के बाद भी भारत विकास परिषद, आदिवासी विकास मंच और साहित्यिक गतिविधियों में सक्रिय हूँ।

एक संकल्प जो जिद बन गया

2011 से मैं चाहता था कि किसान को कार्बन क्रेडिट का सीधा लाभ मिले। शुरुआती कठिनाइयों ने मेरा इरादा कमज़ोर नहीं किया, और पक्का कर दिया। मैंने तय किया कि यह काम अब मैं खुद करूँगा। मेरे दो सिद्धांत हैं:

“अकर्म से कर्म श्रेष्ठ”

“परिश्रम के अतिरिक्त कोई रास्ता नहीं”

किसान सहयोग: मेरे तीन वादे

  1. सही और भरोसेमंद जानकारी

    सरकारी और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर, सरल हिंदी में और समय पर अपडेट, इसके लिए सच्चे मन से काम करूँगा।

  2. किसान की आय बढ़ाना

    हर नई सुविधा इसी कसौटी पर परखूँगा कि उससे किसान को क्या लाभ होता है।

  3. रोज़गार के अवसर बनाना

    ज़मीन, उपकरण और मज़दूर जैसे बाज़ार के माध्यम से गाँव में काम के अवसर जोड़ने का प्रयास करूँगा।

आशीर्वाद और स्नेह

धर्मपत्नी

  • श्रीमती नीलम दीक्षित

पुत्र एवं पुत्रवधुएँ

  • अनुपम
  • अमन
  • वेदिका (अनुपम की पत्नी)
  • अंकिता (अमन की पत्नी)

बड़ों का आशीर्वाद और स्मृति

  • स्व. पंडित उमाशंकर दीक्षित एवं भाभी जी डॉ. कमलेश दीक्षित
  • रविशंकर दीक्षित एवं स्व. डॉ. छाया दीक्षित (भाभी जी)
  • एडवोकेट संतोष दीक्षित

भतीजे-भतीजियाँ

  • राहुल-सुप्रिया
  • हिमाँशु-सुरभि
  • रिचा
  • श्रुति दीक्षित

इन सभी परिजनों के स्नेह, आशीर्वाद और सहयोग से ही यह नया कदम उठा रहा हूँ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

किसान सहयोग किसने शुरू किया?
किसान सहयोग की शुरुआत श्री अभिनन्दन दीक्षित ने की है। वे मध्य प्रदेश शासन के उप वन संरक्षक (DCF) पद से सेवानिवृत्त हैं और किसान परिवार से हैं।
संस्थापक का अनुभव क्या है?
उन्होंने 1981 से 2023 तक 42 वर्ष शासकीय सेवा की। इस दौरान प्रदेश के कई ज़िलों में गाँवों और किसानों के बीच काम किया।
किसान सहयोग का उद्देश्य क्या है?
दो उद्देश्य हैं: किसान की आय बढ़ाना और रोज़गार के अवसर बनाना। इसके लिए सही जानकारी और बेहतर बाज़ार किसान तक पहुँचाने का काम किया जाता है।

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